ईटीएफ बनाम म्यूचुअल फण्ड: आपको क्या पता होना चाहिए

यदि आप शेयर बाजार में निवेश नहीं कर रहे हैं, तो इसे ठीक करने का समय आ गया है! सिक्योरिटीज़ का एक उचित रूप से मैनेज किया हुआ पोर्टफोलियो न केवल आपके द्वारा जमा किए गए को बचाने में मदद करेगा, बल्कि आपको विविध स्रोतों से अतिरिक्त आय प्रदान करने में भी मदद करेगा। यदि आप जानते हैं कि अपना पैसा कहां लगाना है तो निवेश करना मुश्किल नहीं है।

इस समय सबसे विश्वसनीय इंस्ट्रूमेंट्स में से एक फंड्स हैं। आइए जानें कि म्यूचुअल फण्ड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फण्ड में क्या अंतर है और पता करें कि अब बाजार में क्या अधिक लाभदायक है! बाजार में आपके निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले ईटीएफ की तुलना में कई गुना अधिक म्यूचुअल फण्ड हैं, तो आइए देखें कि आपकी स्थिति में कौन अधिक उपयुक्त है।

म्यूचुअल फंड्स

फोरेक्स और सीएफडी ट्रेडर्स के लिए मुख्य धन प्रबंधन नियम

म्यूचुअल फण्ड सामूहिक निवेश का एक रूप है जो किसी निवेशक या शेयरधारक को फण्ड के शेयर का मालिक बनने का अवसर देता है, जिससे उसके पोर्टफोलियो तक पहुंच प्राप्त होती है।

फण्ड मैनेजर का मुख्य कार्य शेयरधारकों के फण्ड को सिक्योरिटीज़ के एक निश्चित पोर्टफोलियो में निवेश करना है। पोर्टफोलियो में संपत्ति का चुनाव फण्ड के लक्ष्यों और रणनीति से निर्धारित होता है। उदाहरण के लिए, एक ऐसे फण्ड के लिए जिसका उद्देश्य किसी दिए गए यील्ड पर न्यूनतम जोखिम सुनिश्चित करना है, फिक्स्ड-यील्ड इंस्ट्रूमेंट उपयुक्त हैं।

यह दो मुख्य प्रकार के म्यूचुअल फंड्स को आपस में अलग करने के लिए प्रथागत है: ओपन (ओपन-एंड फण्ड) और क्लोज्ड (क्लोज्ड-एंड फण्ड)।

क्लोज-एंड फण्ड में सीमित संख्या में जारी इकाइयाँ (शेयर) होती हैं जो इसकी पहली सार्वजनिक पेशकश के बाद उपलब्ध हो जाती हैं। उनका वैश्विक स्टॉक एक्सचेंजों में मूल्य पर ट्रेड होता है जो प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) से भिन्न हो सकता है। कीमत बाजार में आपूर्ति और मांग के अनुपात और फण्ड के मुख्य इंडीकेटर्स पर ही निर्भर करती है।

ज्यादातर म्यूचुअल फण्ड ओपन एंडेड होते हैं। उनके पास नए शेयर जारी करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है और सभी निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं। एक ओपन म्यूचुअल फण्ड मौजूदा नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) के आधार पर नई इकाइयां जारी करता है और उन इकाइयों को पुनर्खरीद करता है जिन्हें निवेशक ने बेचने का फैसला किया है।

ईटीएफ क्या है?

ईटीएफ एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फण्ड है जो इंडेक्स, बॉन्ड, कीमती धातुओं और अन्य संपत्तियों को ट्रैक करता है।

शेयर बाजार में बांड क्या हैं?

एक्सचेंज-ट्रेडेड फण्ड आपको एक ही समय में कई संपत्तियों में निवेश करने का अवसर देते हैं। उदाहरण के लिए, आप बांड ईडेक्स, आरईआईटी, व्यापक बाजार इंडेक्स, या, इसके विपरीत, व्यक्तिगत उद्योगों (उदाहरण के लिए, बायोफर्मासिटिकल्स या तेल उद्योग में निवेश) में भी निवेश कर सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट फण्ड एसेट्स का एक बड़ा विविध पोर्टफोलियो खरीदता है और फिर उसे भागों में बेचता है। ऐसा करने के लिए, फण्ड अपने स्वयं के शेयर जारी करता है। यानी ईटीएफ का एक शेयर खरीदकर निवेशक एक साथ कई आकर्षक इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाता है।

आप ईटीएफ पर निम्नानुसार पैसा कमा सकते हैं:

  • खरीद — एक व्यापक शेयर बाजार, एक अलग देश या देशों के समूह, एक आर्थिक क्षेत्र या उद्योग, या एसेट्स के समूह में निवेश;
  • डिविडेंड ईटीएफ खरीदना;
  • शोर्ट सेल;
  • खरीदना “वालटिलिटी” – यह फण्ड एक इंडेक्स पर आधारित है जिसमें शॉर्ट-टर्म VIX फ्यूचर्स शामिल हैं, इसलिए यह हमेशा VIX इंडेक्स की मूवमेंट्स को बिल्कुल नहीं दोहराता है।

सामान्य तौर पर, एक निवेशक के लिए ईटीएफ एक बहुत ही सुविधाजनक और महत्वपूर्ण टूल है। यह उपयोगकर्ताओं को सभी निवेशित फंडों में विविधता लाने और उनकी रक्षा करने का अवसर देता है।

आप एक डे-ट्रेडर के रूप में कितना कमा सकते हैं?
आप संभावित रिटर्न सीख जाएं तो बेहतर होगा—ज़्यादा आय के बारे में सपने देखना नहीं लेकिन यह जानना कि आपको हर ट्रेड के लिए कितना निवेश करना चाहिए।
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ईटीएफ और स्टॉक में क्या अंतर है?

कुछ समानताओं के होने के बावजूद, ये दोनों टूल्स निम्नलिखित बिंदुओं में भिन्न हैं:

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  1. विविधीकरण: फण्ड का 1 शेयर खरीदकर, आप इस फण्ड के स्वामित्व वाले सभी शेयरों के छोटे शेयर हासिल करते हैं। इस प्रकार, किसी एक कंपनी के दिवालिया होने से आपको अपने सभी फंड्स के नुकसान का खतरा नहीं होता है।
  2. स्वामित्व की विधि: सामान्य शेयरों के विपरीत, आपके पास सीधे किसी कंपनी के शेयर नहीं होते हैं। आप वोटिंग और शेयरधारक बैठकों में भाग नहीं ले पाएंगे।
  3. कमीशन: एक्सचेंज-ट्रेडेड फण्ड एक निश्चित प्रबंधन शुल्क लेते हैं। बड़े फंडों के लिए, यह आमतौर पर छोटा होता है, लेकिन यह अभी भी मौजूद है। उदाहरण के लिए, कमीशन प्रति वर्ष 0.1% हो सकता है।
  4. म्युचुअल फण्ड की खरीद केवल ट्रेडिंग दिवस के समापन पर उसके नेट एसेट वैल्यू पर संभव है, जबकि ईटीएफ इंट्रा-डे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं।

ईटीएफ उन निवेशकों के लिए बहुत अच्छा है जो बाजार को ओवरटेक नहीं करना चाहते हैं। अलग-अलग शेयरों के चयन के लिए निवेशक से कुछ अनुभव और कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन साथ ही, ऐसा पोर्टफोलियो बाजार के औसत से कहीं अधिक उपज दे सकता है।

क्या निवेश करना लाभदायक है?

एक नियम है जिसे हर नौसिखिए निवेशक को स्वीकार करने की आवश्यकता है: संभावित रिटर्न जितना अधिक होगा, जोखिम उतना ही अधिक होगा। जो लोग अभी बाजार में प्रवेश कर रहे हैं वे अक्सर लाभप्रदता का निर्धारण करके संपत्ति का मूल्यांकन करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस तरह की विधि से पूंजी में कमी हो सकती है या उसका पूर्ण नुकसान भी हो सकता है।

निवेश, बेशक, लाभदायक है, लेकिन केवल उन मामलों में जब ग्राहक स्पष्ट रूप से बाजार की बारीकियों को जानता है और सभी विवरणों को समझता है।निवेश आपके पैसे को काम में लाने और अतिरिक्त आय उत्पन्न करने का एक अवसर है। मुख्य बात एक लक्ष्य को परिभाषित करना, विभिन्न संपत्तियों के साथ काम करने के नियमों का अध्ययन करना, एक रणनीति बनाना और भावनाओं को दूर करते हुए उस पर टिके रहना है!

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