सर्वोत्तम ट्रेडिंग रणनीतियाँ: शुरुआती लोगों के लिए एक गाइड

ट्रेडिंग रणनीतियाँ बहुत उपयोगी हैं। वे शुरुआती ट्रेडर्स और प्रोफेशनल को सफल ट्रेडों की संभावना बढ़ाने में मदद करते हैं। अनुभवी निवेशकों और ट्रेडर्स को पता है कि बिना योजना के बाजार में प्रवेश करना एक बड़ी गलती है। एक ट्रेडिंग रणनीति एक तथाकथित प्लान है कि बाजार की कुछ स्थितियों में कैसे व्यवहार किया जाए। अपने लिए सबसे अच्छी ट्रेडिंग रणनीति को जानने के लिए पढ़ते रहें 

यह निर्धारित किया गया था कि निवेश नियमों में तकनीकी विश्लेषण टूल्स जोड़ना अन्य ट्रेडिंग रणनीतियों की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।

ट्रेडिंग रणनीति क्या है?

ट्रेडिंग रणनीति बाजार की स्थितियों के आधार पर पोजीशन खोलने के लिए नियमों का एक सेट है। हालांकि ट्रेडिंग रणनीतियां ज्यादातर तकनीकी संकेतकों जो ऐतिहासिक डेटा का विश्लेषण करती हैं उन पर आधारित होती हैं, मौलिक कारकों पर भी विचार किया जाता है, क्योंकि उनकी वजह से बाजार में कुछ परिस्थितियों उजागर होती हैं।

ट्रेडिंग रणनीति की रूपरेखा होगी:

  • एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स
  • रिस्क मैनेजमेंट रूल्स
  • मार्किट और टेक्निकल एनालिसिस कंडीशन जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए

सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीतियाँ

कोई भी ट्रेडिंग रणनीति परफेक्ट नहीं है। 

हर एक ट्रेडर को अपने लक्ष्य और फण्डस के अनुसार अपनी ट्रेडिंग रणनीति को खोजना या खुद बनाना होगा। हालाँकि, ऐसी कुछ बेसिक रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग अधिकांश निवेशकों द्वारा किया जा सकता है या जिनमें अपने व्यक्तिगत ट्रेडिंग लक्ष्यों के लिए थोड़ा फेर-बदल किया जा सकता है। शुरुआत करने वालों के लिए सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीति इसे ही कहा गया है।

ट्रेंड ट्रेडिंग

ट्रेंड ट्रेडिंग एक छोटी अवधि वाली रणनीति है।  

रणनीति का मुख्य बिंदु ट्रेंड को सही ढंग से पहचानना और उसकी दिशा में सफलतापूर्वक चलना है।

बाज़ार ऊपर, नीचे और साइडवेज़ (बाज़ार न ज़्यादा ऊपर जा रहा है और न ज़्यादा नीचे) में जा सकता है। ट्रेंड स्ट्रैटेजी का मतलब है मजबूत तेजी या मंदी के भीतर ट्रेडिंग करना। ट्रेंड की दिशा और उसकी ताकत को बताने के लिए, ट्रेडर्स कई टेक्निकल इंडीकेटर्स का उपयोग करते हैं।साथ ही, ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर को नुक्सान को कम करने और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए व्यापक रूप से लागू किया जाता है।

ट्रेंड ट्रेडिंग रणनीति की सबसे बड़ी कमी यह है कि ट्रेडर को बाज़ार की स्थिति से लगातार सतर्क रहना होगा, क्योंकि ट्रेंड बहुत तेज़ी से बदलता  है। ट्रेडर की बाज़ार को समझने और उसके अनुसार चलने की क्षमता ही सफलता की कुंजी है। साथ ही, ट्रेडर्स को ओवरनाइट ट्रेडिंग कॉस्ट का ध्यान रखना चाहिए जो ट्रेड के कई दिनों से खुले रहने पर उत्पन्न हो सकती हैं।

डे ट्रेडिंग

इसे एक ही दिन में ट्रेडिंग करने की सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीति कहा जा सकता है। डे ट्रेडिंग, या इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग उन ट्रेडर्स द्वारा किया जाता है जो कम समय के लिए ट्रेड करना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें ज्यादातर 1 मिनट से 4 घंटे तक की समय सीमा के लिए ट्रेड किया जाता है।

इसका मुख्य मकसद बाज़ार के खुलने और बंद होने के बीच अधिकतम मुनाफा कमाना है।

चूंकि ट्रेड कम समय के टाइमफ्रेम पर किए जाते हैं, और ट्रेडर एक दिन में कई पोजीशन पर रहते हैं।अन्यथा, मुनाफा बहुत कम होगा।यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इंट्राडे ट्रेडिंग का मतलब ओवरनाइट पोजीशन पर रहना नहीं है, क्योंकि इससे पैसे के डूबने का अतिरिक्त खतरा हो सकता है।

डे ट्रेडिंग रणनीति का मुख्य उद्देश्य तब ट्रेड करना है जब बाज़ार में लिक्विडिटी सबसे अधिक हो। यह बाज़ार खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर होती है। वैसे तो आप जानते हैं कि ट्रेडिंग 24/7 घंटे उपलब्ध है पर सिडनी, टोक्यो, लंदन और न्यूयॉर्क चार प्रमुख ट्रेडिंग सेशन है जो बदलते रहते हैं। प्रत्येक सेशन की शुरुआत में ट्रेड करने की सलाह दी जाती है।

हालांकि डे ट्रेडिंग रणनीति को शुरुआती ट्रेडर्स के लिए शीर्ष रणनीतियों में से एक माना जाता है, लेकिन इसमें खतरा भी है। सबसे पहले, डे ट्रेडिंग आसान नहीं है, क्यूंकि ट्रेडर के पास लगातर तेज़ी से बदलते बाज़ार में ट्रेड करने के लिए एक उचित प्लान होना चाहिए। दूसरा, फ्लैट ट्रेडों का जोखिम है। यह तब होता है जब कोई एसेट महत्वपूर्ण रूप से बढ़ने या गिरने के बजाय एक दिन के भीतर साइडवेज़ चला जाता है। 

स्विंग ट्रेडिंग

स्विंग ट्रेडिंग में ऐसे ट्रेड शामिल हैं जो कई दिनों से लेकर कई महीनों तक चलते हैं। 

स्विंग ट्रेडिंग का मकसद किसी एसेट की कीमत की आगामी दिशा निर्धारित करना, पोजीशन दर्ज करना, अपेक्षित प्राइस मूवमेंट के हिस्से को लॉक करना और फिर अगले अवसर पर आगे बढ़ना है।

स्विंग ट्रेडिंग की प्रमुख कमी रातोंरात और सप्ताहांत होने वाले रिस्क है, क्योंकि ट्रेड कई दिनों तक खुला रहता है। यह रिस्क प्राइस गैप की और इशारा करता है जिससे बहुत सारा नुकसान हो सकता है। इसलिए, एक ट्रेडर के पास उनसे निपटने के लिए पर्याप्त धन होना चाहिए और बाजार में चल रही घटनाओं पर अपडेट रहना चाहिए।

स्विंग ट्रेडिंग में सफल होने के लिए, आपको पता होना चाहिए कि प्रत्येक स्विंग की लंबाई और अवधि की व्याख्या कैसे करें। यह क्रूशियल सपोर्ट और रीज़िस्टन्स लेवल की पहचान करने में मदद करेगा। आपको यह भी पता करना चाहिए कि प्रत्येक स्विंग के साथ गति बढ़ती है या घटती है। एक स्थापित रिस्क/ रिवार्ड अनुपात का पालन करने और टेक- प्रॉफिट और स्टॉप-लॉस लेवल को निर्धारित करने की सलाह दी जाती है।

ब्रेकआउट

ब्रेकआउट एक ट्रेडिंग रणनीति है जो शोर्ट और मीडियम टर्म के लिए ट्रेडिंग करने का अवसर प्रदान करती है।

मुख्य आईडिया तब तक इंतेज़ार करने का है जब तक कीमत उस स्तर तक ब्रेकआउट नहीं हो जाती जिस स्तर तक वह पहले कभी न पहुंची हो – ये सपोर्ट और रीज़िस्टन्स सीमाएं हैं।

ब्रेकआउट के बाद, आपको ब्रेकआउट की दिशा में एक ट्रेड खोलना चाहिए। ट्रेडर्स आमतौर पर सपोर्ट और रीज़िस्टन्स स्तरों के पास लिमिट-एंट्री ऑर्डर्स निर्धारित करते हैं तांकि ब्रेकआउट होने से पोजीशन स्वचालित रूप से खुल जाएँ।

नकली ब्रेकआउट हो सकते हैं जो सीमित समय तक चलते हैं और कीमत को बदल देते हैं। इसलिए, यह पुष्टि करना महत्वपूर्ण है कि ब्रेकआउट की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कीमत काफी मजबूत है। ट्रेडिंग ब्रेकआउट के दौरान लागू किए जाने वाले सबसे आम तकनीकी संकेतक हैं:

  • वॉल्यूम, मनी फ्लो इंडेक्स सहित
  • ऑन-बैलेंस वॉल्यूम
  • वॉल्यूम-वेटेड मूविंग एवरेज 

न्यूज़ ट्रेडिंग

ऊपर, आप ने उन रणनीतियों के बारे में पढ़ा जो ज्यादातर तकनीकी विश्लेषण पर आधारित हैं। हालांकि, ट्रेडिंग करते समय मौलिक विश्लेषण भी लागू किया जा सकता है।

न्यूज़ स्ट्रेटेजी का मुख्य बिंदु न्यूज़ और अपेक्षाओं पर ट्रेड करना और बाजार पर इसका क्या प्रभाव होगा यह समझना है।

यह एप्रोच न्यूज़ रिलीज से पहले और बाद में ट्रेड करने की सलाह देता है। यदि आप घोषणा से पहले ट्रेड करते हैं, तो आपको यह अनुमान लगाना चाहिए कि रिलीज़ ट्रेडिंग एसेट पर कितना और किस तरह से असर डाल सकती है। न्यूज़ आने के बाद, आपको मूल्यांकन करना चाहिए कि क्या परिणाम की कीमत तय की गई है और क्या यह बाजार की अपेक्षाओं से मेल खाती है।

जैसा कि हर एक समाचार रिलीज का प्राइस की दिशा पर एक मजबूत प्रभाव नहीं पड़ता है, आपको सीखना चाहिए कि कौन से मूलभूत कारक बाजार को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं और उनके परिणाम एक एसेट की कीमत को कैसे बढ़ा सकते हैं। न्यूज़ स्ट्रेटेजी के एंट्री और एग्जिट बिंदु इस बात पर आधारित होते हैं कि बाजार समाचार की व्याख्या कैसे करता है।

अपनी खुद की ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी कैसे बनाएं

इतनी सारी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजीज में से एक सर्वोत्तम ट्रेडिंग रणनीति खोजना मुश्किल हो सकता है। हालाँकि, आप विकल्पों को कम कर सकते हैं यदि आप:

  • अपने लक्ष्य निर्धारित करें
  • सबसे सटीक और स्पष्ट संकेतक और पैटर्न खोजें
  • परिभाषित करें कि एसेट्स कितने अस्थिर हैं
  • मापें कि आप कितना नुकसान उठा सकते हैं।

ये कारक आपको अपनी सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीति खोजने में मदद करेंगे।

क्या सीखें 

याद रखें कि कोई भी सर्वश्रेष्ठ ट्रेडिंग रणनीति नहीं है। हालाँकि ऐसी सामान्य रणनीतियां हैं जो अधिकांश ट्रेडर्स के लिए काम करती हैं, आपके लिए केवल कस्टमाइज्ड रणनीतियाँ ही सबसे अच्छा काम करेंगी। वास्तविक बाजार में प्रवेश करने से पहले, डेमो खाते पर रणनीतियों का परीक्षण करें और सही काम में आने वाली स्ट्रेटेजी ढूँढने के लिए कई स्ट्रेटेजीज पर प्रयास करते रहें।

डिस्क्लेमर: कोई भी रणनीति ट्रेड में सौ प्रतिशत सही परिणाम की गारंटी नहीं दे सकती है।

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