9 आदतें जो आपको कभी भी फाइनैंशली स्टेबल नहीं बनाएंगी

कभी कभी अपने कैपिटल को बिल्ड करने के लिए कुछ गलत आदतों को छोड़ना काफी है उन लोगों के लिए जिनके पास पैसा नहीं होता। आइए चेक करते है की आप में ऐसी आदतें है या नहीं।

1. बिना लक्ष्य के जीना

बिना डेस्टिनेशन के चलने का मतलब है कहीं नहीं जाना। इसी नियम को अपनी लाइफ में अप्लाई कर सकते हैं; अगर आपके पास कोई लक्ष्य नहीं है, आप बिना डायरेक्शन के चल रहे हैं। अगर आपको फाइनैंशली स्टेबल होना है तो आपको ये चेंज करना पड़ेगा। कुछ लोगों के लिए ऊँचा लक्ष्य सेट करना बिलकुल आसान नहीं होता। तब शुरुआत में छोटे सेट करना और स्टेप बाइ स्टेप चलना बिल्कुल सही है। आपको छोटे लक्ष्य हासिल करना एनकरेजिंग लगेगा और आप आगे बढ़ेंगे।

2. चेंजेस से डर लगना

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चेंजेस को अवॉयड करना और अपने कम्फर्ट ज़ोन में रहने से आप अपने आप को नुकसान पहुंचाते हैं: जो काम आपको नहीं पसंद वो कीजिए या उस शहर में रहिये जहाँ डेवलपमेंट की कोई उम्मीद नहीं है। जो लोग चेंजेस से डरते हैं वो कभी खुद का बिज़नेस नहीं खोलते, क्योंकि वो फेल होने से डरते हैं। बेशक, अपने कंफर्ट ज़ोन को छोड़ना आसान नहीं है, लेकिन आपको अगर कैपिटल गेन करना है तो आपको रिस्क लेनी पड़ेगी।

3. बहाने ढूंढना

कम इनकम वाले लोगो के माइंडसेट में होता है कुछ ढूंढना या किसी और को अपने फेलियर् के लिए ब्लेम करना। काफी लोग बहाने बनाते है जो उनकी गलतियाँ और इनए़फी़शियनसी को एक्सप्लेन कर सके। ऐसे लोग अंधविश्वास में मानते है, जैसे कि ‘अगर मेरे पास बेहतर एजुकेशन होती तो मैं फाइनेंशियली स्टेबल हो जाता’, या ‘अगर मैं बड़े शहर में पैदा होता तो मेरे पास बेहतर चान्सेस होती’। वे स्टेप्स उठाने के बजाय विभिन्न प्रकार के कारणों का पता लगाने में एनर्जी वेस्ट करते हैं कि वे फाइनैंशली स्वतंत्र क्यों नहीं हैं, उदाहरण के लिए, शिक्षित होने के लिए, एक बेहतर नौकरी खोजने आदि।

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4. लालची होना

थोड़ा लालची होना ठीक है इस शब्द के पॉजिटिव मीनिंग में आप अपने पैसे और संपत्ति के बारे में सही रूप से केयर करते हैं या आप जो खरीदते हैं उसके लिए अधिक पेय नहीं करते हैं। हालांकि, अगर आप अपना पूरा दिन डिस्काउंट और कम प्राइसेस की तलाश में बिताते हैं, तो आपके  फाइनेंशियली स्टेबल होने की संभावना नहीं है। इसके अलावा, लालच एक तरह का ओबसेशन है, जो अगर आप इसे कण्ट्रोल में नहीं रखते हैं तो आपके जीवन को बर्बाद कर सकता है।

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5. कमाई से ज़्यादा खर्च करना

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आप बहुत कमा सकते हैं लेकिन आप कभी भी फाइनेंशियली स्टेबल नहीं हो सकते जब तक कि आप बजट में रहना जानते हैं। फाइनेंशियली स्वतंत्र लोग जानते हैं कि पैसा कैसे बचाना है और अपने साधनों में रहकर कैसे जीना है। बजटिंग सीखना, अपनी इनकम और खर्चों का एनालिसिस करना, क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना बंद करना और उन चीजों को खरीदना जो आपको वास्तव में जरूरत नहीं है। अगर आप इस आदत के साथ आगे बढ़ते हैं तो आप अपनी फ्यूचर इनकम पर लगातार खर्च करेंगे जो कैपिटल एकुमुलेशन के आईडिया के अपोजिट है।

6. ज़्यादा कंज़र्वेटिव होना

अपने आप से पूछें, पिछले वर्ष आपने कौन सी नई टेक्नोलॉजी या डिवाइस का टेस्ट किया है? आपने कौन – से नए आईडिया सीखे हैं? यदि आप फाइनेंशियली स्टेबल बनना चाहते हैं तो मॉडर्न टेक्नोलॉजी और प्रोग्रेसिव थिंकिंग के साथ बने रहना आवश्यक है। इसके कोंट्ररी, धन की कमी वाले लोग अपने पास्ट से चिपके हुए हैं, यह विश्‍वास करते हैं कि उनका बेस्ट टाइम बीत चुका है । वे नई टेक्नोलॉजी को इम्प्लॉय करने के लिए ज़्यादा उत्साहित नहीं हैं जो उन्हें फाइनेंशियली स्वतंत्र होने में मदद कर सकती हैं।

7. दूसरों से ईर्ष्या करना

ईर्ष्या करना बुरा है, यह कॉमन नॉलेज है। यह इमोशन डिस्ट्रक्टिव है, यह आपको तनाव और चिंता महसूस कराता है । अगर आप दूसरों से ईर्ष्या करने की आदत रखते हैं, तो आप अपने सपनों को कभी पूरा नहीं करेंगे। अपने जीवन पर कंसन्ट्रेट करें, अपने लक्ष्य सेट करें, पॉजिटिव और खुले दिमाग वाले बनें। आपका मेन एम आपकी अपनी भलाई है, इसलिए इसे हासिल करने के लिए सब कुछ करें, बिना पीछे मुड़े अन्य लोगों से तुलना करें जो अधिक सफल या प्रोस्पेरस हैं। यदि आप खुदके रास्ते पर चलते हैं, तो एक दिन दूसरे आपसे ईर्ष्या करेंगे।

8. पैसिव होना

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मिनिमम इनकम वाले लोगों के लिए पैसिव होना रोज़ की एक्सरसाइज़ है। उनके लिए दूसरों को निर्णय लेने और जिम्मेदारी लेने देना ठीक है। एक्टिव होने का अर्थ है, करेजियस होना, जो मिनिमम इनकम वाले लोगों की आदत में नहीं है, नहीं तो वे सक्सेस्फुल बन जाएंगे। यदि आप पैसिव रहते हैं, तो आपको इसे स्टेप बाय स्टेप बदलना होगा। अपने अप्पोनेंट्स का सामना करने के लिए खुद को रेस्पोंसिबल बनाने के लिए फैसला करना सीखिए। बहस करने के ज़रूरत जितना स्मार्ट बनो, लोगों को अपनी आवाज सुनाओ।

9. अपने आप को अंडरएस्टीमेट करना

इस दुनिया में हर कोई यूनिक है। लेकिन बचपन से ही हम सुनते हैं कि हमें बेहतर प्रयास करना चाहिए। जिसका नतीजा है कि, मेन्टल ब्लॉक बन रहे हैं जो हमें अपने पोटेंशियल को निकलने नहीं देते हैं। साथ ही, कई लोगों ने अपने कुछ टैलेंट्स का फायदा उठाकर अपना पैसा हासिल किया। वे क्रिएट करने, दुनिया को अपनी यूनिकनेस दिखाने से नहीं डरते थे। अपने आप को कम नहीं समझें, अधिक कॉन्फिडेंट बनें, अधिक चल्लेंजिंग  बनें और अपनी आदतों पर काम करें, यही सफलता की चाबी है।

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