सात विनाशकारी आदतें उन लोगों की जिनके पास हमेशा पैसे की कमी रहती है

अमेरिकी बिजनेस गुरु रॉबर्ट कियोसाकी के दो पिता थे, एक अमीर और एक गरीब। उनकी जीवनशैली की तुलना करते हुए उन्होंने पाया कि उन दो लोगों के बीच मुख्य अंतर उनके खातों में पड़े डॉलर के बजाय पैसे और वित्तीय आदतों के प्रति उनका दृष्टिकोण था। इस पर विश्वास करना कठिन है, लेकिन यह सच है कि आपकी कुछ आदतें वित्तीय स्थिरता पाने के रास्ते में एक गंभीर बाधा बन सकती हैं। आइए देखें कि आपको किन बुरी आदतों को छोड़ने की जरूरत है।

1. पैसे का निवेश नहीं करना

क्या आपने कभी सोचा है कि अमीर और गरीब दोनों पैसे के लिए काम करते हैं? फर्क इस बात का होता है कि दोनों अपनी आय को किस तरह से मैनेज करते है। अमीरों का पहला विचार यह होगा कि पैसे कैसे बचाएं और इसे काम में कैसे लाएं; गरीब सबसे पहले जीवित रहने और कर्ज चुकाने के बारे में सोचते हैं। यह गरीबों का ‘बुरा कर्म’ नहीं है, बल्कि उनकी मानसिकता और आदतें हैं। निवेश शुरू करने के लिए आपको बड़ी रकम की जरूरत नहीं है। शुरुआत करने के लिए बस एक-दो रुपये काफी होंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको पहले परिणाम की परवाह किए बिना आगे बढ़ना चाहिए और निवेश करने की आदत विकसित करनी चाहिए।

“अमीर अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं और जो बचा है उसे खर्च करते हैं। गरीब अपना पैसा खर्च करते हैं और जो बचा है उसे निवेश करते हैं।”

रॉबर्ट टी. कियोसाकी

2. चमत्कार की प्रतीक्षा में

यह सामान्य ज्ञान है कि वित्तीय रूप से स्वस्थ होने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन जिन लोगों के पास हमेशा पैसे की कमी होती है वे अक्सर उम्मीद में जीते हैं कि एक परी आएगी जो उनकी सभी वित्तीय समस्याओं का समाधान करेगी। एक मौके की तलाश में जो उन्हें बचा सके, वे अपना आखिरी सिक्का भी संदिग्ध चीज़ों जैसे कि लॉटरी आदि पर अच्छे भाग्य की उम्मीद में खर्च कर देते हैं। कभी-कभी वे जीत जाते हैं लेकिन सामान्य तौर पर, यह रणनीति नुकसान और निराशा लाती है। दूसरे शब्दों में जहाँ गरीब लोग किस्मत की आस में जीते हैं वहीं अमीर लोग अपनी किस्मत अपने हाथों से बनाते हैं।

3. संभावित आय की अनदेखी

हमेशा आय के नए स्रोत की तलाश करते रहना। यह आपका शौक भी हो सकता है। कई करोड़पतियों ने अपने करियर की शुरुआत उन चीजों से की जो वे सबसे अच्छा कर सकते थे, जो वास्तव में उनका शौक था। उनमें से बहुत से लोग इस बात से सहमत हैं कि समृद्धि के रास्ते में उनके लिए सबसे मुश्किल बात जो वह कर रहे हैं उस पर विशवास करना था। अमीर और सफल लोगों की तरफ से अच्छी सलाह यह है कि अपने रोज़मर्रा के व्यवसायों को एक नया रूप दें और आय का एक नया स्रोत खोजें। हो सकता है यह आपकी आंखों के ठीक सामने हो पर आपको नज़र नहीं आ रहा हो। हालांकि, जब तक आप इसकी तलाश शुरू नहीं करेंगे, तब तक आप इसे कभी नहीं पाएंगे।

टिप्पणी! आपको लगातार आय के नए स्रोत की तलाश करते रहना होगा। 

4. वित्तीय शिक्षा का अभाव

आर्थिक रूप से शिक्षित होने का मतलब यह नहीं है कि आपके पास अर्थव्यवस्था या वित्त में प्रोफेसर डिग्री होनी चाहिए। हालांकि, ग़रीब अक्सर अपने वित्त के बारे में छोटी-छोटी बातों को नहीं जानते हैं। उदाहरण के लिए, वे यह नहीं समझते हैं कि अपने बैंक कार्ड से कुछ खरीदते समय वे कितना अधिक भुगतान करते हैं। या वे निवेश की संभावनाओं को नज़रअंदाज कर देते हैं जो बहुत कम आय वाले लोगों के लिए भी उपलब्ध हैं। जबकि केवल एक छोटी राशि का निवेश करने से उन्हें बहुत सारी आमदनी हो सकती है। अमीर लोग लगातार इस बात पर रिसर्च  करते हैं। वे किताबें पढ़ते हैं, समाचारों का अनुसरण करते हैं, शेयर बाजार को जाँचते हैं और कमाई के नए स्रोतों की तलाश करते हैं, भले ही उनके पास पहले से ही पर्याप्त आय हो।

5. कम उम्मीदें स्थापित करना

उच्च व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारित करने के लिए साहस की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, अपने पेशे को बदलना बिल्कुल भी आसान नहीं है यदि आप देखते भी हैं कि दूसरा व्यवसाय अधिक आय लाता है। गरीब लोग अतिरिक्त प्रयास नहीं करना चाहते हैं। वे अपने कम्फर्ट ज़ोन में रहते हैं, खुद को आश्वस्त करते हैं कि उनके पास जो कुछ है उससे वे खुश हैं, लगातार पैसे की कमी के साथ झुझते हुए भी। अमीर हमेशा सतर्क रहते हैं। वे लगातार लक्ष्य बदलते हुए अपना तख्ता ऊंचा रखते हैं।

टिप्पणी! अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो अमीरों की तरह काम करें। उच्च लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें नॉनस्टॉप बदलते रहें!

6. योजना/ प्लान के बिना रहना

आपकी वित्तीय स्थिरता के लिए एक वित्तीय योजना का होना महत्वपूर्ण है। आपको अपनी आय और खर्चों का पता होना चाहिए। अपने जीवन में किसी भी प्रकार के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आपको आमतौर पर धन की आवश्यकता होती है, इसलिए आपको यह जानना होगा कि आपको कितनी राशि की आवश्यकता है। नियोजन की अज्ञानता से वित्तीय संसाधनों की निरंतर कमी होती है।

7. परिस्थितियों को दोष देना

जो कोई भी इस जीवन में कुछ मूल्यवान हासिल करना चाहता है, उसे जिम्मेदारी लेनी होगी। परिस्थितियों, अन्य लोगों, दुर्भाग्य को दोष देना बंद करें और सकारात्मक तरीके से कार्य करना शुरू करें। अमीर लोगों के रहने का यही तरीका है। वे अपने कार्यों और अन्य लोगों के जीवन की जिम्मेदारी लेते हैं। वे अपने द्वारा उत्पादित उत्पादों के लिए नए मूल्य और अपने कर्मचारियों के लिए नए कार्यस्थलों को पैदा करते हैं। अमीर कभी भी कठिनाइयों के बारे में शिकायत नहीं करते बल्कि उन्हें दूर करते हैं।

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