सात आदतें जिन्हें छोड़ देना चाहिए वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने के लिए

एक आदत को बदलने में लगभग 66 दिन लगते हैं। वहीं, 40% मानवीय क्रियाएं आदतन होती हैं। यदि आप दोनों तथ्यों को एक साथ जोड़ते हैं, तो आप इस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे कि आपके द्वारा अवचेतन रूप से की जाने वाली अधिकांश चीजें आपकी वित्तीय समृद्धि सहित आपके पूरे जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं। अपने जीवन पर नियंत्रण रखने के लिए, यदि आप सफल होना चाहते हैं तो इन 9 बातों से बचें।

1. लक्ष्य निर्धारित करना भूल जाना

पूंजी बनाने की कोशिश करते समय सबसे बुरी आदतों में से एक उद्देश्य की कमी है। यदि आप नहीं जानते कि आप क्या चाहते हैं और कब आप इसे चाहते हैं, तो आपके पास काम करने के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं होगा। वित्तीय कल्याण अचानक से नहीं होता है।

लक्ष्य निर्धारण से जुड़े बहुत सारे भय हैं – असफलता का भय, निर्णय का भय, असंतोष का भय, अज्ञात का भय और कभी-कभी सफलता का भय भी। ये सभी भय आपको यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आपके लक्ष्य प्राप्त करने योग्य नहीं हैं। लेकिन छोटी जीत ही आगे काम करने के लिए प्रेरित करेगी।

2. बदलाव का डर

आशंकाओं की बात आगे करते हुए, यह पॉइंट कम चुनने को संदर्भित करता है क्योंकि आप नहीं चाहते कि आपका जीवन बदल जाए। यह हमेशा बेहतर जीवन का डर नहीं है जो लोगों को कार्य करने से रोकता है; यद्यपि आप प्लूटोफोबिया, पैसे का इरैशनल भय को देखें। अधिकांश लोग नई स्थितियों या अनुभवों की संभावनाओं से डरते हैं और अपनी स्थापित भूमिकाओं पर नियंत्रण खोने से।

परिवर्तन का डर लोगों को अवांछनीय परिस्थितियों में रखता है जैसे कि वे नौकरियां जो वे बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं या ऐसी नौकरियां जो करियर के विकास की पेशकश नहीं करती और बेहतर सैलरी की पोजीशन में उन्नति नहीं करती हैं।

3. अपने साधनों से परे रहना

आपने लॉटरी विजेताओं के बारे में कहानियां सुनी होंगी, जिन्होंने लाखों जीते, लेकिन उनके पास कुछ भी नहीं बचा। आपको क्या लगता है ऐसा क्यों होता है? क्योंकि उन्हें यह पता नही होता है कि अंतहीन धन की हो रही वर्षा का प्रबंधन कैसे किया जाए।

इसलिए, आपको न केवल अच्छी कमाई करने की आवश्यकता है, बल्कि आपको उचित धन प्रबंधन की भी आवश्यकता है। यदि आप अपना सारा पैसा खर्च करने के आदी हैं तो आप आर्थिक रूप से अधिक स्थिर नहीं होंगे।

4. लालची होना

दूसरी ओर, आपको पैसे के लिए इतना सावधान नहीं रहना चाहिए कि आप लालची और तुच्छ हो जाएं। यदि आप हमेशा कटौती करने, हर चीज पर पैसे बचाने, और दूसरों (कर्मचारियों, ठेकेदारों, सेवा कर्मचारियों, उधारदाताओं, आदि) को कम भुगतान करने के तरीकों की तलाश में हैं, तो आप बस अपने आप को एक स्कार्सिटी मानसिकता में सीमित रखते हैं।

आप अपना जीवन ऐसे नहीं जी सकते जैसे कि आप कुछ ले ही नहीं सकते – इससे मानसिक बाधाएं और अनावश्यक व्यावहारिक समस्याएं पैदा होंगी। एक बार कुछ खरीदो, और अच्छे से खरीदो।

5. आर्थिक रूप से बहुत अधिक कन्सर्वटिव होना

आपको पैसे कमाने के “पुराने” तरीकों से नहीं चिपके रहना चाहिए। हां, शेयर बाजार अभी भी एक अच्छा औसत रिटर्न उत्पन्न करता है, और दूसरी गतिविधि करना अतिरिक्त पैसा बनाने का एक अच्छा तरीका है। लेकिन लीक से हटकर सोचें – स्टॉक ही एकमात्र प्रकार का निवेश नहीं है, और आपको डबल शिफ्ट में काम करने की ज़रूरत नहीं है। बाहर बहुत सारे अवसर हैं। उदाहरण के लिए, आप डेरिवेटिव और कलेक्टिबल में निवेश कर सकते हैं और आय का एक अतिरिक्त स्रोत बना सकते हैं।

6. दूसरों की सफलता से जलन होना

यदि आप किसी अन्य व्यक्ति के पास क्या है, वे कैसे हैं, या वे क्या करते हैं, इस बात से ईर्ष्या करते हैं, तो यह एक बुरा संकेत है। बेहतर घरों में रहने वाले, बेहतर कार चलाने और बेहतर छुट्टियों पर जाने वाले लोगों को हतोत्साहित करने वाला नहीं बल्कि प्रेरक होना चाहिए। इसके अलावा, सफल लोग सफलता की अपनी परिभाषा खुद बनाते हैं।

7. पैसिव जीवन शैली जीना

लॉटरी जीतने वालों ने भी सबसे पहले टिकट खरीदा होगा। हालांकि यह लॉटरी का समर्थन नहीं है, यहां सीखने के लिए एक अच्छा सबक है – यदि आप कुछ ऐसा चाहते हैं जो आपके पास कभी नहीं था, तो आपको कुछ ऐसा करने के लिए तैयार रहना चाहिए जो आपने कभी नहीं किया है।अंत करने के लिए किम कियोसाकी का एक अच्छा उदाहरण यहां दिया गया है: “रवैया आपकी जेब की गहराई को निर्धारित करता है”

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